(आशिफ खान संवाददाता झांसी)

नाम बदलकर मंदिर में रह रहा था आरोपी, सोशल मीडिया पर एक लाख से अधिक फॉलोअर्स होने का दावा
झांसी/मऊरानीपुर। झांसी जिले के मऊरानीपुर थाना क्षेत्र में स्थित काली सरकार मंदिर में रहकर दिव्य दरबार लगाने वाले काली सरकार बाबा उर्फ प्रदीप शुक्ला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि वह अपनी पहचान बदलकर मंदिर में रह रहा था। हरदोई निवासी प्रदीप शुक्ला के खिलाफ लूट और मारपीट समेत कई मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, न्यायालय में पेश नहीं होने के चलते उसके खिलाफ वारंट जारी किए गए थे।
जानकारी के मुताबिक, हरदोई जिले के चौहान थोक निवासी प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज, मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के कुरैंचा गांव स्थित काली सरकार मंदिर में रह रहा था। यहां उसने अपना नाम सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार रख लिया था। वह बाबा के वेश में दिव्य दरबार लगाता था, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते थे। वह लोगों की बीमारियां ठीक करने और उनकी विभिन्न समस्याओं का समाधान करने का दावा करता था।
बताया गया है कि काली सरकार बाबा आर्मी जैसी पोशाक पहनता था। उसके दरबार में उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न हिस्सों से लोग पहुंचते थे। सोशल मीडिया पर भी उसके काफी अनुयायी बताए जा रहे हैं। इंस्टाग्राम पर उसके पेज के एक लाख से अधिक फॉलोअर्स होने की जानकारी सामने आई है।
कई साल से तलाश कर रही थी पुलिस
पुलिस के मुताबिक, प्रदीप शुक्ला के खिलाफ हरदोई में पुराने आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 1993 में लूट के एक मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी, जबकि वर्ष 1998 में मारपीट के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। इन मामलों में न्यायालय में पेश नहीं होने के कारण उसके खिलाफ वारंट जारी किए गए थे।
बताया गया है कि हरदोई पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी। जांच के दौरान उसके झांसी जिले में होने की जानकारी मिली। इसके बाद हरदोई और मऊरानीपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने रविवार को कुरैंचा गांव स्थित काली सरकार मंदिर में दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
नवरात्र में नौ दिन के लिए दरबार बंद करने की दी थी सूचना
काली सरकार बाबा सप्ताह में शुक्रवार, शनिवार और रविवार को दिव्य दरबार लगाता था। स्थानीय लोगों के लिए बुधवार को भी दरबार आयोजित किए जाने की बात सामने आई है। नवरात्र के अवसर पर उसने सोशल मीडिया के माध्यम से नौ दिनों तक दरबार बंद रखने की सूचना भी जारी की थी। हालांकि, नवरात्र के पहले दिन ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों और न्यायालय से जारी वारंट के आधार पर कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित पुलिस द्वारा पूरी की जा रही है।

