(आशिफ खान संवाददाता झांसी)

‘बुंदेलखंड के विधायकों शर्म करो, बुंदेलखंड राज्य की बात करो’ के लगाए नारे

झांसी। बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाए जाने की मांग को लेकर बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने आंदोलन तेज कर दिया है। सोमवार को मोर्चा अध्यक्ष भानु सहाय के नेतृत्व में कचहरी चौराहे पर बुंदेलखंड क्षेत्र के 50 विधायकों के सामूहिक पुतले फूंककर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘‘बुंदेलखंड के विधायकों शर्म करो, बुंदेलखंड राज्य की बात करो’’ समेत विभिन्न नारे लगाए।
मोर्चा अध्यक्ष भानु सहाय ने कहा कि झांसी सदर विधायक रवि शर्मा, चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत सहित पांच अन्य विधायक बुंदेलखंड राज्य के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं, इसलिए उनके पुतले नहीं फूंके गए। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड राज्य के गठन को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम को साक्षी मानकर तीन वर्ष के भीतर बुंदेलखंड राज्य बनवाने का वादा किया गया था, लेकिन तीन वर्ष के स्थान पर 12 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। इसके बावजूद राज्य गठन की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तादल के जनप्रतिनिधियों द्वारा इस मुद्दे को मजबूती से नहीं उठाया गया।
भानु सहाय ने बताया कि इसी को लेकर ‘‘तुम्हें प्रभु राम कौ कोल (कसम)’’ अभियान शुरू किया जा रहा है। अभियान के तहत वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, 2028 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव में बुंदेलखंड क्षेत्र के मतदाताओं को ‘‘राम बंधन’’ कलावा बांधकर सत्ताधारी दल के प्रत्याशियों का विरोध करने का आह्वान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मोर्चे का प्रयास है कि बुंदेलखंड क्षेत्र में सत्ताधारी दल को एक चौथाई से भी कम सीटें मिलें।
उन्होंने बताया कि 21 अक्टूबर से झांसी में अनशन, सत्याग्रह और ‘‘तुम्हें प्रभु राम कौ कोल (कसम)’’ अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
ये मांगें भी उठाईं
मोर्चा ने बुंदेलखंड के सभी मेडिकल कॉलेजों, सरकारी अस्पतालों तथा सीएचसी-पीएचसी में रिक्त पदों को तत्काल भरने की मांग की। इसके अलावा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को स्ववित्तपोषित व्यवस्था से हटाकर 100 प्रतिशत सरकारी अनुदान प्राप्त विश्वविद्यालय बनाए जाने, महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज को एम्स के रूप में उच्चीकृत किए जाने तथा बुंदेलखंड क्षेत्र में संचालित अवैध नर्सिंग होमों की समयबद्ध एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शन के दौरान अशोक सक्सेना एडवोकेट, रघुराज शर्मा, उत्कर्ष साहू, प्रदीप नाथ झा एडवोकेट, अनुराग मिश्रा एडवोकेट, सचिन साहू एडवोकेट, नरेश वर्मा, गोलू ठाकुर, प्रेम सपेरा, प्रभुदयाल कुशवाहा, अनिल कश्यप, राजेश लोहिया, राजपाल सिंह बुंदेला, रामजी सिंह पारीछा, अभिषेक तिवारी, शाहजहां बेगम, राधा वर्मा, शवनम खान, रजनी वर्मा, मनोज प्रजापति पारीछा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

