(आशिफ खान संवाददाता झांसी)

झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के बबीना थाना क्षेत्र में शनिवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांचवीं कक्षा की छात्रा और एक महिला की मौत हो गई। दोनों की जान टैंक लेकर जा रहे सेना के एक ट्रक की चपेट में आने से गई। हादसा ट्रंका रोड पर रेलवे क्रॉसिंग के पास हुआ। घटना के बाद मौके पर सेना और पुलिस के अधिकारी पहुंचे तथा करीब 500 मीटर के क्षेत्र को सील कर दिया गया। परिजनों को भी काफी देर तक घटनास्थल के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई।
जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के चकरपुर गांव की करीब 20 महिलाएं और बच्चे शनिवार को बबीना छावनी क्षेत्र के रातौली गांव के पास स्थित कारसदेव ठाकुर बाबा मंदिर में आयोजित भंडारे में शामिल होने गए थे। मंदिर गांव से करीब 14 किलोमीटर दूर बताया गया है। सभी लोग किराए की लोडिंग गाड़ी से भंडारे में पहुंचे थे।
भंडारा खाने के बाद जब सभी लोग वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में उनकी लोडिंग गाड़ी खराब हो गई। वाहन खराब होने के बाद महिलाएं और बच्चे पैदल ही अपने गांव की ओर चल पड़े। रात करीब 8:30 बजे वे ट्रंका रोड पर रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचे। इसी दौरान टैंक से लदा सेना का ट्रक वहां से गुजर रहा था। बताया जा रहा है कि ट्रक अनियंत्रित हो गया और पैदल चल रहे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसे में अंगूरी अहिरवार (45), पत्नी स्वर्गीय मनीराम अहिरवार और सेजल (13), पुत्री बद्रीप्रसाद अहिरवार की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास चल रही अन्य महिलाएं और बच्चे हादसे में बाल-बाल बच गए।
ट्रक के नीचे फंसी महिला, दो घंटे चला रेस्क्यू
हादसा इतना भीषण था कि सेजल का सिर ट्रक के पहिए के नीचे आ गया, जबकि अंगूरी ट्रक के नीचे फंस गईं। हादसे के बाद मौके पर पहुंची टीम ने सबसे पहले छात्रा के शव को बाहर निकाला। वहीं महिला का शव ट्रक के नीचे बुरी तरह फंस जाने के कारण उसे निकालने में काफी मुश्किल हुई।करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रक को हटाकर अंगूरी का शव बाहर निकाला जा सका। हादसे के बाद सेना और पुलिस के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
भंडारे से लौटते समय हुआ हादसा,
मृतका सेजल के पिता बद्रीप्रसाद अहिरवार ने बताया कि गांव से करीब 14 किलोमीटर दूर मंदिर में भंडारे का आयोजन था। उनकी बेटी सेजल अपनी दादी कस्तूरी, बहनों अंजली और अंशिका तथा पड़ोस में रहने वाली अंगूरी, उनकी बेटी कुमकुम और जेठानी की बहू राधा समेत करीब 20 महिलाओं और बच्चों के साथ भंडारे में गई थी।सभी लोग किराए की लोडिंग गाड़ी से गए थे। लौटते समय गाड़ी खराब होने के कारण उन्हें पैदल वापस आना पड़ा। इसी दौरान रेलवे क्रॉसिंग के पास सेना के टैंक लदे ट्रक की चपेट में आने से सेजल और अंगूरी की मौत हो गई।
परिजनों को घटनास्थल से रखा गया दूर
अंगूरी के दामाद रविदास ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन सेना की ओर से करीब 500 मीटर का क्षेत्र सील कर दिया गया था। परिजनों को घटनास्थल के अंदर नहीं जाने दिया गया। उन्होंने बताया कि शवों को ले जाने के दौरान भी परिजनों को वाहन के पास जाने से रोका गया। विरोध करने के बाद शवों को शव वाहन में रखा गया।पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच
पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच
एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी जांच की जा रही है।

