बिजनेस लोन के नाम पर साइबर ठगी का नया जाल, फोन हैक कर बनाया जा सकता है मनी ट्रांजैक्शन का हिस्सा

संदिग्ध मोबाइल नंबर: [8185802068, 9558454010, 7971440917, 8217430761, 8780087845]

नई दिल्ली। डिजिटल दौर में ऑनलाइन सुविधाओं ने जहां लोगों की जिंदगी आसान की है, वहीं साइबर अपराधियों ने ठगी के नए-नए तरीके भी खोज लिए हैं। अब साइबर ठग लोगों को बिजनेस लोन दिलाने का झांसा देकर उनके मोबाइल फोन और डिजिटल लेन-देन से जुड़ी जानकारी को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

ऐसा ही एक साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है, जिसमें आरोप है कि लोन दिलाने के नाम पर लोगों से संपर्क कर उन्हें आकर्षक बिजनेस लोन का भरोसा दिया जाता है। इसके बाद कथित तौर पर पीड़ित से मोबाइल में कुछ ऐप डाउनलोड कराने, लिंक पर क्लिक करवाने या कुछ अनुमतियां देने के लिए कहा जाता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति अनजान ऐप को मोबाइल की संवेदनशील अनुमतियां दे देता है या संदिग्ध लिंक के जरिए अपनी बैंकिंग जानकारी साझा करता है, तो उसके फोन और डिजिटल खातों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। साइबर अपराधी इसी तरह की तकनीकों का इस्तेमाल कर पीड़ित के नाम, मोबाइल या बैंकिंग माध्यमों का दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकते हैं।

लोन के लालच में न दें मोबाइल की पहुंच

साइबर ठग अक्सर कम ब्याज पर बड़ा बिजनेस लोन, तत्काल लोन स्वीकृति या बिना ज्यादा दस्तावेजों के लोन दिलाने का दावा कर लोगों को आकर्षित करते हैं। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी या अन्य शुल्क के नाम पर पैसे मांगे जा सकते हैं। कुछ मामलों में मोबाइल पर अनजान एप्लिकेशन इंस्टॉल करवाने या स्क्रीन शेयर करने के लिए भी दबाव बनाया जा सकता है।

सबसे गंभीर खतरा तब पैदा होता है जब व्यक्ति अनजान व्यक्ति को OTP, PIN, पासवर्ड, UPI PIN या मोबाइल/बैंकिंग ऐप की संवेदनशील जानकारी दे देता है।

अनधिकृत लेन-देन से रहें सावधान

यदि किसी व्यक्ति के बैंक खाते या डिजिटल भुगतान माध्यम से उसकी जानकारी के बिना लेन-देन हो जाए, तो मामला गंभीर हो सकता है। ऐसे मामलों में तुरंत बैंक को सूचना देना और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराना जरूरी है। भारत में साइबर अपराध की शिकायत 1930 हेल्पलाइन तथा National Cyber Crime Reporting Portal के माध्यम से की जा सकती है।

कैसे बचें साइबर ठगी से?

  • अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई संदिग्ध ऐप डाउनलोड न करें।
  • किसी को भी OTP, UPI PIN, ATM PIN या पासवर्ड न बताएं।
  • अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।
  • किसी को फोन का रिमोट एक्सेस या स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति न दें।
  • लोन देने वाली संस्था की आधिकारिक जानकारी और पंजीकरण की जांच करें।
  • खाते में संदिग्ध लेन-देन दिखाई दे तो तुरंत बैंक और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।