झांसी की दरगाह हजरत खाकी शाह आशिकान मदारी पर अकीदत से हुई गौसे आजम की देग, सैकड़ों अकीदतमंदों ने ग्रहण किया लंगर

(आशिफ खान संवाददाता झांसी)

झांसी। नारायण बाग के समीप स्थित प्राचीन दरगाह हजरत खाकी शाह आशिकान मदारी रहमतुल्लाह अलैह की मजार पर सालाना गौसे आजम बड़े पीर साहब की देग का आयोजन श्रद्धा, अकीदत और पूरे एहतराम के साथ किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने पहुंचकर शिरकत की। दरगाह परिसर में दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रही और लंगर का भी आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान न्यू ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल के प्रबंधक मोहम्मद अकरम मंसूरी ने दरगाह लंगर कमेटी, मुतवल्ली और खादिमों का शॉल, मेडल एवं फूलमाला पहनाकर सम्मान किया। इसके बाद दरगाह परिसर में सैकड़ों अकीदतमंदों को बैठाकर लंगर तकसीम किया गया। लोगों ने अकीदत के साथ लंगर ग्रहण किया और आयोजन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

हर वर्ष होता है गौसे आजम की देग का आयोजन

दरगाह के मुतवल्ली सूफी असलम निजामी ने बताया कि दरगाह पर प्रत्येक वर्ष गौसे आजम की देग का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोग अकीदत के साथ शामिल होते हैं। उन्होंने बताया कि आयोजन को सफल बनाने में विभिन्न समुदायों के लोगों का सहयोग रहता है। यही सहभागिता कार्यक्रम को आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश देने वाला बनाती है।

गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है दरगाह

न्यू ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल के प्रबंधक मोहम्मद अकरम मंसूरी ने कहा कि दरगाह पर हर मजहब और समुदाय के लोग अकीदत के साथ पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि झांसी की यह दरगाह लंबे समय से आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बनी हुई है। यहां विभिन्न समुदायों के लोग मिल-जुलकर धार्मिक आयोजनों में भाग लेते हैं, जिससे सामाजिक एकता और सद्भाव का संदेश जाता है।

आयोजन के दौरान दरगाह परिसर में अकीदतमंदों की मौजूदगी से माहौल भक्तिमय और उत्साहपूर्ण रहा। लंगर में शामिल लोगों ने आयोजन की व्यवस्था और दरगाह कमेटी की ओर से किए गए इंतजामों की सराहना की।

ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में दरगाह मुतवल्ली सूफी असलम निजामी, खादिम खालिद शाह, खादिम शब्बीर शाह, मोहम्मद अकरम मंसूरी, मोहम्मद अजहर मंसूरी, जफर मंसूरी, नाना कुरैशी, मकबूल, एहसान राइन, नफीश राइन, जुम्मा राइन, महेंद्र साहू, हनीफ, बंटू, नईम मंसूरी, इरफान मामू, नस्सू, हनीफ शाह एवं मीडिया प्रभारी अमजद जाफरी सहित सैकड़ों अकीदतमंद मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी ने आपसी सौहार्द, भाईचारे और सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।