(डॉ. अंशुमान सिंह विशेष संवाददाता अयोध्या)

बाबा बाजार-अयोध्या। भवानीपुर ग्राम पंचायत के बहापुर निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय सत्यदेव मिश्र के अनुज पुत्र एवं प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित चंद्र कुमार मिश्र का 21 सितंबर 2026 की भोर में आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जिसने भी उनके निधन का समाचार सुना, वह स्तब्ध रह गया।

बताया गया कि पंडित चंद्र कुमार मिश्र पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे और उनका लखनऊ स्थित अस्पताल में उपचार चल रहा था। निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक निवास ग्राम बहापुर पूरब स्थित पैतृक बाग में विधि-विधान के साथ किया गया। अंतिम संस्कार में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पूर्व एवं वर्तमान ग्राम प्रधानों, बुद्धिजीवियों तथा विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
पंडित चंद्र कुमार मिश्र के पिता स्वर्गीय सत्यदेव मिश्र, जिन्हें क्षेत्र में ‘बघऊ दादा’ के नाम से भी जाना जाता था, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उन्होंने देश की आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्थानीय स्तर पर प्रचलित जानकारी के अनुसार, सत्यदेव मिश्र का नेताजी सुभाष चंद्र बोस से भी जुड़ाव रहा था। बताया जाता है कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्हें जर्मनी में करीब दो माह तक बंदी रखा गया था। स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी द्वारा उन्हें ताम्रपत्र, पदक एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किए जाने की भी जानकारी दी गई।
भाजपा के वरिष्ठ युवा नेता महेंद्र कुमार पांडे ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय चंद्र कुमार मिश्र उनके परम मित्र एवं सहपाठी रहे हैं। उनके आकस्मिक निधन से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
अंतिम विदाई के दौरान भाजपा युवा नेता महेंद्र कुमार पांडे, अवधेश कुमार तिवारी सतन, श्याम मिश्रा महाराज, पंडित दिनेश्वरानंद, रामकुमार शर्मा, पूर्व बीडीसी सदस्य विनोद कुमार तिवारी, कृष्णमगन पांडे, राधे रमण पांडे, दिनेश कुमार पांडेय, राम गोपाल पांडे, डॉ. सूर्य नारायण पांडे सहित सैकड़ों गणमान्य नागरिक एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौजूद रहे।
