तहसील में पक्की पैमाइश का दायरा लंबित, फिर भी मौके पर पहुंच गए लेखपाल बिना नोटिस नाप को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश अयोध्या।कसारी ग्रामसभा में लेखपाल की कथित मनमानी को…
Author: Success Media
“*लखनऊ: नाका हिंडोला पुलिस की तत्परता, एक घंटे से कम समय में 12 वर्षीय गुमशुदा बच्चा सकुशल बरामद*”अटल बिहारी शर्मा लखनऊ। थाना नाका हिंडोला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 12 वर्षीय गुमशुदा नाबालिग बच्चे को एक घंटे से कम समय में सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, 12 सितंबर 2026 को हरिनगर दुगांवा निवासी महिला ने अपने करीब 12 वर्षीय बच्चे के गुम होने की सूचना थाना नाका हिंडोला पुलिस को दी थी।सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल बच्चे की तलाश शुरू की। पुलिस के अथक प्रयास और तत्परता के चलते बच्चे को ऐशबाग रेलवे स्टेशन के बाहर से सकुशल बरामद कर लिया गया।इसके बाद बच्चे को नियमानुसार उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चे के सकुशल मिलने पर परिजनों ने नाका हिंडोला पुलिस का आभार व्यक्त किया।बरामदगी करने वाली पुलिस टीमउ0नि0 अंजनी तिवारी, थाना नाका हिंडोला, लखनऊका0 सुधीर कुमार, थाना नाका हिंडोला, लखनऊ*अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 — निष्पक्ष खबरों का संग्रह*?
*बहनजी के किले में दरार: जिसके इशारे पर सत्ता कांपती थी, आज परिवार ही नहीं सुन रहा*लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक दौर था जब एक आवाज पर लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासत कांपती थी। अफसरों की सांसें थम जाती थीं, मंत्रियों की कुर्सियां हिल जाती थीं और नीला झंडा हाथ में लिए लाखों कार्यकर्ता सड़क पर उतर आते थे। वह आवाज थी बहनजी मायावती की।लेकिन आज वही मायावती अपने परिवार, अपनी सुरक्षा और अपनी देखभाल की चिंताओं को लेकर सार्वजनिक रूप से लिखने को मजबूर हैं। सोशल मीडिया पर आया उनका भावुक संदेश सिर्फ एक पोस्ट नहीं, बल्कि बसपा के विशाल किले में आई दरार की सबसे बड़ी गवाही है।कांशीराम का आंदोलन, मायावती की सत्ता1984 में मान्यवर कांशीराम ने बहुजन समाज पार्टी की नींव रखी। नारा था – जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी। इस आंदोलन को सत्ता की मंजिल तक पहुंचाया मायावती ने। 1995 में पहली बार मुख्यमंत्री, 2007 में 206 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत की सरकार बनाकर उन्होंने इतिहास रच दिया।लेकिन 2012 के बाद कहानी बदली। 2014, 2019, 2022 और 2024 के चुनावों में हाथी की चाल लगातार धीमी होती गई और बसपा हाशिए पर चली गई।उत्तराधिकार की लड़ाई बनी अकेलेपन की वजह?मायावती के अकेले पड़ने की सबसे बड़ी वजह पार्टी में उत्तराधिकार को लेकर चल रहा घमासान बताया जा रहा है।पहले भतीजे आकाश आनंद को नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाकर उत्तराधिकारी के तौर पर पेश किया गया, फिर अचानक उन्हें सभी पदों से हटा दिया गया। उसके बाद ईशान आनंद के नाम की चर्चा तेज हुई और अब दीपिका आनंद का नाम सामने आ रहा है।सवाल उठ रहा है कि जिस पार्टी को कांशीराम ने कैडर और मिशन के आधार पर खड़ा किया था, उसमें उत्तराधिकारी परिवार से ही क्यों तलाशा जा रहा है? इसी उलझन ने किले में दरार पैदा कर दी है।जिनके इशारे पर IAS-IPS कांपते थे, आज वही चिंतित हैंराजनीति के जानकारों का कहना है कि यह तस्वीर बेहद चौंकाने वाली है। जिस नेता के एक इशारे पर बड़े-बड़े मंत्री, नेता और IAS-IPS अधिकारी कांपते थे, आज उन्हीं को अपनी निजी सुरक्षा और देखभाल के लिए सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखनी पड़ रही है।यह सिर्फ एक नेता के अकेलेपन की कहानी नहीं है, बल्कि उस बहुजन आंदोलन के भविष्य का सवाल भी है, जिसने कभी उत्तर प्रदेश की सत्ता पर राज किया था !!
थाना समाधान दिवस में पहुंची सात शिकायतें, किसी का नहीं हो सका निस्तारणथाना समाधान दिवस की अध्यक्षता करते एसडीम आदित्य विक्रम अग्रवालसोहावल, अयोध्या।रौनाही थाना परिसर में शनिवार को थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता प्रशिक्षु आईएएस एवं एसडीएम आदित्य विक्रम अग्रवाल ने की। समाधान दिवस में कुल सात शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें पांच शिकायतें राजस्व विभाग तथा दो शिकायतें पुलिस विभाग से संबंधित रहीं। हालांकि, मौके पर किसी भी शिकायत का निस्तारण नहीं हो सका।इस दौरान थाना अध्यक्ष रतन शर्मा सहित थाना पुलिस के सभी कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के कर्मचारियों को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
*बजरंग बली की शक्ति देख प्रशासन हुआ नतमस्तक, नहीं हटेगी मूर्ति* धर्म नगरी उज्जैन में 150 साल पुरानी प्रसिद्ध खड़े हनुमान जी की प्रतिमा चर्चा का विषय बन गई, सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रशासन ने मंदिर को हटाने की कोशिश की थी, लेकिन प्रतिमा हटाई नहीं जा सकी. अब मंदिर में पूजा के लिया हजारों की भीड़ जुट रही है, इस बीच प्रशासन ने बयान जारी करते हुए प्रशासन ने कहा है कि श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और प्रतिमा की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. बिना विशेषज्ञों की जांच और संत समाज की सहमति के प्रतिमा को स्थानांतरित नहीं किया जाएगा.
सब-इंस्पेक्टर के बाद लेखपाल बनीं मौसम शुक्लाग्रामीण परिवेश की बेटी ने लगातार दो प्रतियोगी परीक्षाओं में हासिल की सफलता, क्षेत्र का बढ़ाया मानरुदौली, अयोध्या।आदर्श नगर पंचायत मां कामाख्या धाम के शुकुल पुरवा गांव की मेधावी बेटी मौसम शुक्ला ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर एक बार फिर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सब-इंस्पेक्टर पद पर चयनित होने के बाद अब मौसम शुक्ला ने लेखपाल भर्ती परीक्षा में भी सफलता हासिल की है।मौसम शुक्ला क्षेत्र के सम्मानित व्यक्ति राजेंद्र कुमार शुक्ला की सुपुत्री हैं। ग्रामीण परिवेश से निकलकर लगातार दो महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करना उनकी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।मौसम शुक्ला की इस दोहरी सफलता से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे शुकुल पुरवा और मां कामाख्या धाम क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनकी उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र के उन युवाओं के लिए प्रेरणा बनी है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर मेहनत कर रहे हैं।मौसम शुक्ला ने अपनी सफलता से यह संदेश दिया है कि प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने ग्रामीण परिवेश कोई बाधा नहीं है। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों, शुभचिंतकों और परिचितों ने उन्हें तथा उनके परिवार को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
तीन हजार आवेदन, चार सौ चयन… बाकी आवेदक पूछ रहे—‘भाई, हमारी फाइल किस गली में घूम रही है?’
अंबेडकरनगर।ओडीओपी और पीएम विश्वकर्मा योजना में लाभार्थियों के चयन को लेकर इन दिनों खूब चर्चा है। करीब तीन हजार आवेदक मैदान में उतरे, लेकिन चयन की बारी आई तो लगभग…
