संतों के साथ सिनेमा हॉल पहुंचे विधायक राजीव सिंह पारीछा, हनुमान चालीसा पाठ के बाद देखी ‘हनुमान अंश’

(आशिफ खान संवाददाता झांसी)

विधायक ने श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों से परिवार के साथ फिल्म देखने की अपील, बोले- सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का मिलेगा अवसर

झांसी। सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और भगवान हनुमान की भक्ति से जुड़े संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुक्रवार की रात बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा साधु-संतों, पुजारियों एवं श्रद्धालुओं के साथ सिनेमा हॉल पहुंचे। इस दौरान फिल्म प्रदर्शन से पहले धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण में हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। मंत्रोच्चार और जय श्रीराम-जय हनुमान के जयघोष के बीच फिल्म ‘हनुमान अंश’ का प्रदर्शन शुरू हुआ।

विधायक के साथ बड़ी संख्या में साधु-संत, पुजारी एवं श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने सामूहिक रूप से भगवान हनुमान की भक्ति, सनातन हिंदू संस्कृति तथा पूज्य नीम करौली बाबा के जीवन और आध्यात्मिक विचारों से प्रेरित फिल्म का अवलोकन किया।

इस अवसर पर विधायक राजीव सिंह पारीछा ने कहा कि सनातन हिंदू धर्म की परंपराएं, संत-महात्माओं का मार्गदर्शन और भगवान हनुमान के प्रति आस्था हमारी समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। भारतीय संस्कृति में संतों और आध्यात्मिक महापुरुषों का सदैव विशेष स्थान रहा है। ऐसे विषयों पर आधारित फिल्में नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

उन्होंने कहा कि ‘हनुमान अंश’ फिल्म सनातन हिंदू संस्कृति, भगवान हनुमान की भक्ति तथा पूज्य नीम करौली बाबा के जीवन एवं आध्यात्मिक विचारों से प्रेरित है। फिल्म के माध्यम से श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिकता से जुड़े विभिन्न पहलुओं को दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

विधायक ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं एवं नागरिकों से अपील की कि वे अपने परिवार के साथ इस फिल्म को अवश्य देखें और इसके माध्यम से सनातन संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का अनुभव प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक विषयों को लेकर समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।कार्यक्रम के दौरान सिनेमा हॉल परिसर में श्रद्धालुओं और संत-महात्माओं के बीच विशेष उत्साह देखने को मिला। धार्मिक वातावरण के बीच फिल्म का सामूहिक प्रदर्शन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।