बबीना पुलिस और ANTF की बड़ी कार्रवाई, 214 किलो गांजा बरामद

(आशिफ खान संवाददाता झांसी) ओडिशा से ग्वालियर ले जाई जा रही थी एक करोड़ सात लाख रुपये की खेप, दो तस्कर गिरफ्तार झांसी। बबीना थाना पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क…

कसारी में लेखपाल पर मनमानी के गंभीर आरोप

तहसील में पक्की पैमाइश का दायरा लंबित, फिर भी मौके पर पहुंच गए लेखपाल बिना नोटिस नाप को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश अयोध्या।कसारी ग्रामसभा में लेखपाल की कथित मनमानी को…

“*लखनऊ: नाका हिंडोला पुलिस की तत्परता, एक घंटे से कम समय में 12 वर्षीय गुमशुदा बच्चा सकुशल बरामद*”अटल बिहारी शर्मा लखनऊ। थाना नाका हिंडोला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 12 वर्षीय गुमशुदा नाबालिग बच्चे को एक घंटे से कम समय में सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, 12 सितंबर 2026 को हरिनगर दुगांवा निवासी महिला ने अपने करीब 12 वर्षीय बच्चे के गुम होने की सूचना थाना नाका हिंडोला पुलिस को दी थी।सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल बच्चे की तलाश शुरू की। पुलिस के अथक प्रयास और तत्परता के चलते बच्चे को ऐशबाग रेलवे स्टेशन के बाहर से सकुशल बरामद कर लिया गया।इसके बाद बच्चे को नियमानुसार उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चे के सकुशल मिलने पर परिजनों ने नाका हिंडोला पुलिस का आभार व्यक्त किया।बरामदगी करने वाली पुलिस टीमउ0नि0 अंजनी तिवारी, थाना नाका हिंडोला, लखनऊका0 सुधीर कुमार, थाना नाका हिंडोला, लखनऊ*अटल सत्य टीवी न्यूज़ 24 — निष्पक्ष खबरों का संग्रह*?

*बहनजी के किले में दरार: जिसके इशारे पर सत्ता कांपती थी, आज परिवार ही नहीं सुन रहा*लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक दौर था जब एक आवाज पर लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासत कांपती थी। अफसरों की सांसें थम जाती थीं, मंत्रियों की कुर्सियां हिल जाती थीं और नीला झंडा हाथ में लिए लाखों कार्यकर्ता सड़क पर उतर आते थे। वह आवाज थी बहनजी मायावती की।लेकिन आज वही मायावती अपने परिवार, अपनी सुरक्षा और अपनी देखभाल की चिंताओं को लेकर सार्वजनिक रूप से लिखने को मजबूर हैं। सोशल मीडिया पर आया उनका भावुक संदेश सिर्फ एक पोस्ट नहीं, बल्कि बसपा के विशाल किले में आई दरार की सबसे बड़ी गवाही है।कांशीराम का आंदोलन, मायावती की सत्ता1984 में मान्यवर कांशीराम ने बहुजन समाज पार्टी की नींव रखी। नारा था – जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी। इस आंदोलन को सत्ता की मंजिल तक पहुंचाया मायावती ने। 1995 में पहली बार मुख्यमंत्री, 2007 में 206 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत की सरकार बनाकर उन्होंने इतिहास रच दिया।लेकिन 2012 के बाद कहानी बदली। 2014, 2019, 2022 और 2024 के चुनावों में हाथी की चाल लगातार धीमी होती गई और बसपा हाशिए पर चली गई।उत्तराधिकार की लड़ाई बनी अकेलेपन की वजह?मायावती के अकेले पड़ने की सबसे बड़ी वजह पार्टी में उत्तराधिकार को लेकर चल रहा घमासान बताया जा रहा है।पहले भतीजे आकाश आनंद को नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाकर उत्तराधिकारी के तौर पर पेश किया गया, फिर अचानक उन्हें सभी पदों से हटा दिया गया। उसके बाद ईशान आनंद के नाम की चर्चा तेज हुई और अब दीपिका आनंद का नाम सामने आ रहा है।सवाल उठ रहा है कि जिस पार्टी को कांशीराम ने कैडर और मिशन के आधार पर खड़ा किया था, उसमें उत्तराधिकारी परिवार से ही क्यों तलाशा जा रहा है? इसी उलझन ने किले में दरार पैदा कर दी है।जिनके इशारे पर IAS-IPS कांपते थे, आज वही चिंतित हैंराजनीति के जानकारों का कहना है कि यह तस्वीर बेहद चौंकाने वाली है। जिस नेता के एक इशारे पर बड़े-बड़े मंत्री, नेता और IAS-IPS अधिकारी कांपते थे, आज उन्हीं को अपनी निजी सुरक्षा और देखभाल के लिए सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखनी पड़ रही है।यह सिर्फ एक नेता के अकेलेपन की कहानी नहीं है, बल्कि उस बहुजन आंदोलन के भविष्य का सवाल भी है, जिसने कभी उत्तर प्रदेश की सत्ता पर राज किया था !!

थाना समाधान दिवस में पहुंची सात शिकायतें, किसी का नहीं हो सका निस्तारणथाना समाधान दिवस की अध्यक्षता करते एसडीम आदित्य विक्रम अग्रवालसोहावल, अयोध्या।रौनाही थाना परिसर में शनिवार को थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता प्रशिक्षु आईएएस एवं एसडीएम आदित्य विक्रम अग्रवाल ने की। समाधान दिवस में कुल सात शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें पांच शिकायतें राजस्व विभाग तथा दो शिकायतें पुलिस विभाग से संबंधित रहीं। हालांकि, मौके पर किसी भी शिकायत का निस्तारण नहीं हो सका।इस दौरान थाना अध्यक्ष रतन शर्मा सहित थाना पुलिस के सभी कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के कर्मचारियों को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।

*बजरंग बली की शक्ति देख प्रशासन हुआ नतमस्तक, नहीं हटेगी मूर्ति* धर्म नगरी उज्जैन में 150 साल पुरानी प्रसिद्ध खड़े हनुमान जी की प्रतिमा चर्चा का विषय बन गई, सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रशासन ने मंदिर को हटाने की कोशिश की थी, लेकिन प्रतिमा हटाई नहीं जा सकी. अब मंदिर में पूजा के लिया हजारों की भीड़ जुट रही है, इस बीच प्रशासन ने बयान जारी करते हुए प्रशासन ने कहा है कि श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और प्रतिमा की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. बिना विशेषज्ञों की जांच और संत समाज की सहमति के प्रतिमा को स्थानांतरित नहीं किया जाएगा.

सब-इंस्पेक्टर के बाद लेखपाल बनीं मौसम शुक्लाग्रामीण परिवेश की बेटी ने लगातार दो प्रतियोगी परीक्षाओं में हासिल की सफलता, क्षेत्र का बढ़ाया मानरुदौली, अयोध्या।आदर्श नगर पंचायत मां कामाख्या धाम के शुकुल पुरवा गांव की मेधावी बेटी मौसम शुक्ला ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर एक बार फिर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सब-इंस्पेक्टर पद पर चयनित होने के बाद अब मौसम शुक्ला ने लेखपाल भर्ती परीक्षा में भी सफलता हासिल की है।मौसम शुक्ला क्षेत्र के सम्मानित व्यक्ति राजेंद्र कुमार शुक्ला की सुपुत्री हैं। ग्रामीण परिवेश से निकलकर लगातार दो महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करना उनकी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।मौसम शुक्ला की इस दोहरी सफलता से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे शुकुल पुरवा और मां कामाख्या धाम क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनकी उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र के उन युवाओं के लिए प्रेरणा बनी है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर मेहनत कर रहे हैं।मौसम शुक्ला ने अपनी सफलता से यह संदेश दिया है कि प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने ग्रामीण परिवेश कोई बाधा नहीं है। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों, शुभचिंतकों और परिचितों ने उन्हें तथा उनके परिवार को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

तीन हजार आवेदन, चार सौ चयन… बाकी आवेदक पूछ रहे—‘भाई, हमारी फाइल किस गली में घूम रही है?’

अंबेडकरनगर।ओडीओपी और पीएम विश्वकर्मा योजना में लाभार्थियों के चयन को लेकर इन दिनों खूब चर्चा है। करीब तीन हजार आवेदक मैदान में उतरे, लेकिन चयन की बारी आई तो लगभग…

*इटौंजा में गोमती का कहर जारी प्रशासन अलर्ट मोड पर, डीएम विशाख जी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण*लखनऊ/इटौंजा। गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर के चलते बख्शी का तालाब तहसील क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सुल्तानपुर, बहादुरपुर, हीरापुरवा लासा, अकडरिया, करौंदी,आदि दर्जनों गांव बाढ़ प्रभावित बताए जा रहे हैं।बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता दीपक शुक्ला उर्फ तिरंगा महाराज की मांग पर जिलाधिकारी लखनऊ विशाख जी (आईएएस) ने गोमती नदी के किनारे स्थित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान एडीएम राकेश सिंह सीडीओ डाक्टर सुरेश कुमार एसडीएम बीकेटी, आकाश कुमार तहसीलदार, शरद सिंह सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, पशुपालन, स्वास्थ्य, ब्लॉक, राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इटौंजा थाना प्रभारी सोबरन सिंह मय पुलिस बल के साथ सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था संभालते रहे।*किसानों के सामने फसल बर्बादी का संकट*तिरंगा महराज के अनुसार बाढ़ के पानी से बड़े क्षेत्र में धान, उड़द और सब्जियों की फसल प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर खेत पूरी तरह जलमग्न हैं। किसानों ने प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कराकर मुआवजा और फसल बीमा का लाभ दिलाने की मांग की है।इसके अलावा कई गांवों में आवागमन प्रभावित है। सुल्तानपुर-बहादुरपुर मार्ग पर पानी भरने से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।*स्वास्थ्य और पशुओं को लेकर भी चिंता*जलभराव के कारण ग्रामीणों में बुखार, डायरिया, त्वचा संबंधी बीमारी समेत अन्य संक्रमणों का खतरा बढ़ गया है। वहीं पशुओं के लिए चारे और सुरक्षित स्थान की समस्या भी सामने आई है। पानी बढ़ने के कारण जहरीले जीव जंतुओं के आबादी वाले क्षेत्रों में आने की आशंका से ग्रामीणों में भय का माहौल है। कुछ प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति और शिक्षण व्यवस्था भी प्रभावित होने की जानकारी ग्रामीणों ने प्रशासन को दी।प्रशासन ने तेज किए राहत एवं बचाव के प्रयास निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी नेअधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा ग्रामीणों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में नाव की व्यवस्था शुरू करने पशुओं के लिए चिकित्सा शिविर लगाने, चारे की व्यवस्था करने तथा ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।*सुल्तानपुर-बहादुरपुर मार्ग का भी डीएम ने जायजा लिया। इस दौरान तिरंगा महाराज ने डाट-पुलिया और सड़क की समस्या जिलाधिकारी के सामने रखी*। जिलाधिकारी ने बारिश के बाद लासा गांव की तर्ज पर सड़क को ऊंचा कराने तथा उपलब्ध प्रशासनिक प्रावधानों के तहत निर्माण की संभावना पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।*फसल बीमा को लेकर भी उठी मांग*बाढ़ से प्रभावित किसानों की फसल बीमा संबंधी समस्या भी निरीक्षण के दौरान उठाई गई। तिरंगा महाराज ने किसानों के हित में फसल बीमा कराने की मांग रखी। प्रशासन की ओर से सोमवार तक संबंधित किसानों के दस्तावेज जुटाने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है।*पुलिस प्रशासन ने भी प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है* थाना प्रभारी सोबरन सिंह ने बताया अराजक तत्वों पर नजर रखने के साथ ओवरलोडिंग जोखिमपूर्ण आवागमन को रोकने के लिए पेट्रोलिंग की जा रही है ड्यूटी लगा दी गई है *ग्रामीणों ने जताया आभार*प्रशासनिक टीम के गांवों में पहुंचने और समस्याओं का मौके पर जायजा लेने पर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी समेत अधिकारियों और तिरंगा महाराज के प्रति आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति में प्रशासन की सक्रियता से राहत एवं बचाव कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।तिरंगा महाराज ने कहा,आपदा की इस घड़ी में हम, हमारा भाजपा परिवार और समस्त पत्रकार बंधु पीड़ित किसानों और ग्रामीणों के साथ खड़े हैं। यह समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि मानवता की मिसाल पेश करने और जरूरतमंद लोगों की मदद करने का है। हमारी प्राथमिकता है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों, किसानों और पशुपालकों की समस्याएं प्रशासन तक पहुंचें और उनका यथासंभव शीघ्र समाधान हो।प्रशासन ने ग्रामीणों से नदी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक जोखिम न लेने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की अपील की है।

*अलकायदा से जुड़ा आतंकी आजमगढ़ से गिरफ्तार, यूपी एटीएस ने नाकाम की बड़ी साजिश**योगी सरकार में आतंक के खिलाफ शिकंजा और कसा, एक्यूआईएस से जुड़े नेटवर्क हुआ, खुलासा*जम्मू-कश्मीर समेत देश-विदेश को लोगों को अपने साथ जोड़ा, पाकिस्तान में ट्रेनिंग की कर रहा था तैयारी**लोगों से साझा कर रहा था आतंकी विचारधारा से जुड़ी सामग्री और बम बनाने का तरीका**आतंकियों की दो किताबों को पढ़ने के लिए कर रहा था प्रेरित, युवाओं को बनाया निशाना**लखनऊ, 12 सितंबर।* योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आतंकवाद और कट्टरपंथी नेटवर्क के खिलाफ लगातार कड़ा शिकंजा कस रहा है। इसी अभियान में यूपी एटीएस ने आजमगढ़ से 19 वर्षीय मोहम्मद नबील को गिरफ्तार कर एक्यूआईएस (अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट) से जुड़े कथित नेटवर्क का खुलासा किया है। नबील सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ग्रुप्स के जरिए जम्मू कश्मीर समेत देश व विदेश के विभिन्न हिस्सों से युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने, उन्हें जेहाद के लिए तैयार करने और धन जुटाने कोशिश कर रहा था। वह पाकिस्तान की मदद से देश में हिंसक गतिविधियों और गजवा-ए-हिंद की साजिश भी रच रहा था।*एक्यूआईएस की विचारधारा फैलाकर युवाओं को जोड़ा*यूपी एटीएस के मुताबिक, आजमगढ़ के दीदारगंज थाना क्षेत्र में रहने वाला मोहम्मद नबील प्रतिबंधित आतंकी संगठन एक्यूआईएस की विचारधारा को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित और प्रसारित कर रहा था। वह युवाओं को आतंकी समूह से जोड़ने, उन्हें जेहाद के लिए तैयार करने और इसके लिए धन जुटाने की कोशिश कर रहा था।नबील सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बनाए गए कई एन्क्रिप्टेड ग्रुप के जरिए भारत के साथ-साथ दूसरे देशों के लोगों को भी जोड़ रहा था। इन ऑनलाइन ग्रुप के माध्यम से आतंकी विचारधारा से संबंधित सामग्री साझा किए जाने की बात की भी जांच में पुष्टि हुई है।*‘ला गालिब-इलल्लाह’ नाम से व्हाट्सएप ग्रुप*नबील के मोबाइल की जांच में ‘ला गालिब-इलल्लाह’ नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप मिला। जांच में यह भी सामने आया कि नबील जेहाद, चाकू, केमिकल और प्लान जैसे शब्दों के लिए ट्रिप, पेन, जूस और प्रोजेक्ट जैसे कोडवर्ड का इस्तेमाल कर साजिश रच रहा था। एटीएस इन कोडवर्ड और ग्रुप में हुई बातचीत के आधार पर नेटवर्क की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।*‘जेहाद करने के 44 तरीके’ समेत अन्य किताबों का जिक्र*एटीएस की जांच में कई किताबों का भी जिक्र सामने आया है। इनमें ‘जेहाद करने के 44 तरीके’ नाम की किताब शामिल है, जिसे अलकायदा के आतंकी अनवर उल अवलाकी ने लिखा है। इसके अलावा एक्यूआईएस के पूर्व प्रमुख और आतंकी मौलाना आसिम उमर की लिखी ‘तीसरी जंग-ए-अजीम और दज्जाल’ किताब का भी जिक्र सामने आया है। एटीएस के मुताबिक, नबील ने ग्रुप में इन किताबों को प्रसारित किया और सदस्यों से इन्हें पढ़ने की अपील भी की।*जम्मू-कश्मीर के लोगों को जोड़कर गजवा-ए-हिंद की तैयारी*नबील जम्मू-कश्मीर समेत देश के अन्य हिस्सों से लोगों को अपने साथ जोड़ रहा था। उसका मकसद इन लोगों के जरिए पाकिस्तान की मदद से देश में बड़ी हिंसक घटना को अंजाम देने की दिशा में आगे बढ़ना था। जांच के मुताबिक, नबील पाकिस्तान की मदद से भारत में गजवा-ए-हिंद की योजना पर भी काम कर रहा था।*‘फ्लेम्स ऑफ वॉर’ ग्रुप में बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब के लोग*नबील ‘फ्लेम्स ऑफ वॉर’ नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप से भी जुड़ा था। जांच एजेंसी के अनुसार, इस ग्रुप में बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब के लोग भी जुड़े हुए थे। एटीएस का कहना है कि इस ग्रुप में आतंकी संगठन अलकायदा की विचारधारा से संबंधित सामग्री लगातार साझा की जा रही थी। *पाकिस्तान में ट्रेनिंग कराने की थी योजना*जांच में नबील की कथित गतिविधियों का एक और गंभीर पहलू सामने आया है। वह कई ऑनलाइन ग्रुप में शामिल होकर लोगों को पाकिस्तान, तुर्की और बांग्लादेश जाकर अपने मकसद को पूरा करने के लिए प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित कर रहा था।नबील पाकिस्तान समेत अन्य स्थानों पर लोगों को बम बनाने की ट्रेनिंग दिलाने की योजना बना रहा था। उसने ग्रुप में बम बनाने के तरीकों से संबंधित वीडियो भी साझा किए थे। इसके साथ ही पोटैशियम नाइट्रेट हासिल करने के तरीकों से संबंधित जानकारी साझा किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।