झांसी में बीए एलएलबी छात्र परवेज हत्याकांड का पर्दाफाश, सिपाही समेत आठ गिरफ्तार

(आशिफ खान संवाददाता झांसी)

ड्रग्स के नाम पर ब्लैकमेल कर रंगदारी वसूलने की थी साजिश, कार में मारपीट के बाद नगरा हाट मैदान में फेंका

झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बीए एलएलबी अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे 21 वर्षीय छात्र परवेज अली की मौत के मामले का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में प्रेमनगर थाने में तैनात एक सिपाही भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने ड्रग्स के नाम पर परवेज को ब्लैकमेल कर उससे मोटी रकम वसूलने की साजिश रची थी। इसी दौरान कार में विवाद होने के बाद उसके साथ मारपीट की गई और गंभीर हालत में उसे नगरा हाट मैदान में छोड़कर आरोपी फरार हो गए। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी साहिल मिश्रा ने परवेज से संपर्क बढ़ाया था। कथित तौर पर मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स का सैंपल लेने के बहाने उसे 13 सितंबर की रात करीब साढ़े नौ बजे बुलाया गया। आरोप है कि परवेज के पहुंचने के बाद उसे कार में बैठाया गया और ड्रग्स के साथ उसका वीडियो बनाया जाने लगा। पुलिस का कहना है कि वीडियो के जरिए उसे फंसाने और बाद में रकम वसूलने की योजना थी। साजिश का आभास होने पर परवेज ने विरोध किया, जिसके बाद कार में विवाद और मारपीट शुरू हो गई।

जांच के अनुसार, इसी दौरान परवेज ने एक आरोपी को काट लिया। इसके बाद भूपेंद्र वंशकार और शनि नामदेव द्वारा उसके साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने उसके पैर में दांत से भी काटा। गंभीर रूप से घायल होने के बाद परवेज को नगरा हाट मैदान में फेंक दिया गया। सूचना मिलने पर उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला हत्या का राज

शुरुआत में घटना को हादसा माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोटों के निशान सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या के पहलू पर जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की भूमिका के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले।

पांच महिला पुलिस अधिकारियों की टीम ने की जांच

मामले के खुलासे के लिए एडिशनल एसपी आरीबा नोमान के नेतृत्व में एसपी सिटी प्रीति सिंह, एसपी सिमरन सिंह, सीओ क्राइम प्रिया सिंह और सीओ महिला सुरक्षा आसमा की टीम ने जांच की। पुलिस टीम ने विभिन्न स्तरों पर साक्ष्य जुटाते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।

ये आरोपी हुए गिरफ्तार

पुलिस ने प्रेमनगर थाने के सिपाही आशीष सिंह, प्रयांश सोनी, जय श्रीवास्तव उर्फ अमन, साहिल मिश्रा, भूपेंद्र वंशकार, अर्शिल खान, यश शिवहरे उर्फ बिट्टू और शनि नामदेव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामले में तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

तीन कारें और सात मोबाइल बरामदपुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना से संबंधित बताई जा रही तीन कारें और सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा मृतक की जेब से मिले संदिग्ध पाउडर को जांच के लिए भेजा गया है।

पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्री और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मृतक के कथित ड्रग्स नेटवर्क के तार अन्य राज्यों और सीमा पार तक जुड़े होने के इनपुट भी सामने आए हैं। इन तथ्यों की स्वतंत्र रूप से जांच की जा रही है और पूरे नेटवर्क के संबंध में पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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