तहसील में पक्की पैमाइश का दायरा लंबित, फिर भी मौके पर पहुंच गए लेखपाल
बिना नोटिस नाप को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश
अयोध्या।
कसारी ग्रामसभा में लेखपाल की कथित मनमानी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी लिखित शिकायत या नोटिस के लेखपाल गांव पहुंचकर लोगों की जमीन की पैमाइश कर उन्हें परेशान कर रहे हैं।
मामला गाटा संख्या 1607 से जुड़ा है। प्रार्थी हाजी हारून के मुताबिक, जमीन की पक्की पैमाइश के लिए तहसील में पहले से प्रार्थना पत्र देकर प्रक्रिया शुरू की गई है, इसके बावजूद लेखपाल बिना पूर्व सूचना के मौके पर पहुंच गए और गाटा संख्या 1607 की नाप शुरू कर दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि लेखपाल पर दबाव बनाने और कथित तौर पर मोटी रकम मांगने के भी आरोप लग रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं कुछ ग्रामीणों का दावा है कि राजनीतिक दबाव में चुनिंदा लोगों को परेशान किया जा रहा है।बीजेपी समर्थक ग्रामीणों को टारगेट करने और सपा से जुड़े लोगों के इशारे पर कार्रवाई किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
पीड़ित ने कहा कि जब पक्की पैमाइश की प्रक्रिया तहसील में चल रही है तो बिना नोटिस और बिना सूचना के लेखपाल द्वारा मौके पर पहुंचकर नाप किए जाने का औचित्य क्या है।
अब ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने, लेखपाल की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
