बेतवा नदी में नाव पलटने से दो सगे भाई लापता, चीखें सुनने तक नहीं मिला संभलने का मौका,

तेज बहाव के बीच गहरे पानी में पलटी नाव, पुलिस और एसडीआरएफ ने संभाला मोर्चा; परिवार में मचा कोहराम

(आशिफ खान संवाददाता झांसी )

झांसी/बरुआसागर। बेतवा नदी में मंगलवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बरुआसागर थाना क्षेत्र के बनगुवां गांव के पास तेज बहाव के बीच नाव पलटने से दो सगे भाई नदी में बह गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और दोनों भाइयों की तलाश में रेस्क्यू अभियान शुरू किया। हालांकि काफी प्रयास के बावजूद देर तक दोनों का कोई पता नहीं चल सका।जानकारी के अनुसार, महेंद्र रायकवार और मनीष रायकवार मंगलवार सुबह करीब सात बजे बेतवा नदी के किनारे पहुंचे थे। दोनों ने नदी किनारे रखी नाव को पानी में उतारा और उस पर सवार होकर नदी में चले गए। बताया जा रहा है कि उस समय नदी का बहाव काफी तेज था। नाव धीरे-धीरे बहते हुए नदी की गहराई की ओर पहुंच गई।गहराई में पहुंचते ही घबराए दोनों भाईप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाव जैसे ही गहरे पानी में पहुंची, दोनों भाई घबरा गए। उन्होंने मदद के लिए चीख-पुकार शुरू कर दी। इसी दौरान अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया और देखते ही देखते नाव नदी में पलट गई। नाव पलटने के बाद दोनों भाई तेज बहाव के बीच पानी में समा गए।घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोगों को संभलने और मदद करने तक का मौका नहीं मिला। दोनों की चीखें नदी के तेज बहाव में दब गईं और देखते ही देखते दोनों आंखों से ओझल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंच गए।पुलिस और एसडीआरएफ ने शुरू किया रेस्क्यू अभियानहादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने तत्काल एसडीआरएफ को सूचना दी। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने नदी में उतरकर दोनों भाइयों की तलाश शुरू की। तेज बहाव और नदी की गहराई के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।टीम ने नदी के आसपास के संभावित स्थानों पर तलाश अभियान चलाया। देर तक अभियान जारी रहने के बावजूद दोनों भाइयों का कोई सुराग नहीं मिल सका। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लगातार उनकी तलाश में जुटी रही।हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मचा कोहरामदोनों भाइयों के नदी में बहने की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्य नदी किनारे पहुंचकर दोनों के मिलने की उम्मीद लगाए बैठे रहे।बताया गया कि महेंद्र रायकवार शादीशुदा था और उसके दो छोटे बच्चे हैं। हादसे की खबर से उसकी पत्नी बेसुध हो गई, जबकि मां का भी रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।पिता ने कहा- बेटों को नाव पर जाने से मना किया थामहेंद्र और मनीष के पिता राजू रायकवार ने बताया कि उनका मछली पकड़ने का ठेका है। इसी सिलसिले में वह अपने बेटों के साथ नदी किनारे आए थे। उनका कहना है कि वह नदी में अवैध रूप से मछली पकड़ने वालों पर नजर रखने के लिए वहां मौजूद थे।पिता के मुताबिक, उन्होंने दोनों बेटों को नाव पर जाने से मना भी किया था। वह कुछ काम से थोड़ी देर के लिए वहां से गए थे। वापस लौटकर देखा तो दोनों बेटे नाव लेकर नदी में जा चुके थे। कुछ ही देर बाद नाव पलटने और दोनों के बह जाने की जानकारी मिली।बेटों के नदी में बह जाने से बदहवास पिता ने कहा कि “साहब, हम बर्बाद हो गए हैं। पूरा घर उजड़ गया।”तेज बहाव बना रेस्क्यू में बड़ी चुनौतीबेतवा नदी में इन दिनों पानी का बहाव तेज बताया जा रहा है। ऐसे में गहरे पानी में उतरकर दोनों की तलाश करना एसडीआरएफ टीम के लिए भी चुनौती बना हुआ है। पुलिस प्रशासन की निगरानी में रेस्क्यू अभियान जारी है। परिजन और ग्रामीण बेसब्री से दोनों भाइयों के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।

फिलहाल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम दोनों भाइयों की तलाश में जुटी है। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम और चिंता का माहौल बना हुआ है।