भानु सहाय बोले- वादा पूरा नहीं हुआ तो शुरू होगा ‘राम कौ कौल’ अभियान

झांसी। बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा गया। मोर्चा ने बुंदेलखंड राज्य निर्माण सहित क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। मांगें पूरी नहीं होने पर अक्टूबर 2026 में झांसी के गांधी उद्यान में आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।मोर्चा अध्यक्ष भानु सहाय ने कहा कि प्रभु राम राजा सरकार एवं बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर को साक्षी मानकर बुंदेलखंड क्षेत्र की जनता से तीन वर्ष के भीतर बुंदेलखंड राज्य के निर्माण का वादा किया गया था। इस वादे को किए हुए 12 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन राज्य निर्माण की दिशा में अभी तक ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।उन्होंने कहा कि अखंड बुंदेलखंड क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के झांसी, बांदा, जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट, ललितपुर और महोबा सहित मध्य प्रदेश के सागर, छतरपुर, दमोह, टीकमगढ़, दतिया, पन्ना और निवाड़ी जिलों के साथ लहार, गुहाण्ड, पिछोर, करैरा, चंदेरी, गंजबासौदा, कटनी एवं चित्रकूट तहसीलों को शामिल कर पृथक बुंदेलखंड राज्य का निर्माण किया जाना चाहिए।मोर्चा ने चेतावनी दी कि वादा खिलाफी एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा सहयोग नहीं किए जाने के विरोध में ‘राम कौ कौल’ अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत प्रभु राम राजा सरकार के चरणों में राम बंधन (कलावा) पूजवाकर बुंदेलखंड की जनता की कलाई पर बांधा जाएगा और ‘राम कौ कौल’ की शपथ दिलाई जाएगी। मोर्चा ने कहा कि आगामी चुनाव में वादा खिलाफी करने वाले सत्तादल के प्रतिनिधियों के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाकर उन्हें चुनाव में हराने का भरसक प्रयास किया जाएगा।मोर्चा की प्रमुख मांगें1. स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार: बुंदेलखंड के सभी मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, सीएचसी एवं पीएचसी में चिकित्सकों, मेडिकल एवं पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पद समयबद्ध तरीके से भरे जाएं। अस्पतालों में आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। झांसी मेडिकल कॉलेज में नेत्र बैंक की अनुमति शीघ्र प्रदान की जाए।2. शिक्षा व्यवस्था में सुधार: बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी को स्ववित्तपोषित व्यवस्था से निकालकर सरकार द्वारा अनुदानित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों की फीस कम हो सके। विश्वविद्यालय में रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। प्राथमिक विद्यालयों से लेकर महाविद्यालयों तक शिक्षकों एवं कर्मचारियों के रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएं तथा विद्यालयों का जीर्णोद्धार कराया जाए।3. अवैध नर्सिंग होम की जांच: बुंदेलखंड में संचालित अवैध नर्सिंग होमों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। मोर्चा का आरोप है कि कई संस्थान बिना आवश्यक नक्शा, अग्निशमन एवं प्रदूषण संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र के संचालित हो रहे हैं। संबंधित विभागों एवं अधिकारियों की भूमिका की भी समयबद्ध उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।भानु सहाय ने कहा कि झांसी जनपद में इस संबंध में मंडलायुक्त, जिलाधिकारी एवं संबंधित विभागों को कई पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई प्रभावी रूप से नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत के इस कथन का उल्लेख करते हुए कि आंदोलन वार्ता का द्वार खोलते हैं, मोर्चा ने कहा कि सरकार ने अभी तक वार्ता का द्वार नहीं खोला है। मोर्चा ने सरकार से तत्काल वार्ता कर समस्याओं के समाधान की मांग की।उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो अक्टूबर 2026 में गांधी उद्यान, झांसी में आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही ‘राम कौ कौल’ अभियान भी शुरू किया जाएगा।ज्ञापन देने वालों में रघुराज शर्मा, वरुण अग्रवाल, प्रदीप नाथ झा, रामजी सिंह पारीक्षा, गोलू ठाकुर, नरेश वर्मा, ब्रजेश राय, अभिषेक तिवारी, अनुराग मिश्रा, अनिल कश्यप, पंकज रावत, बीएल भास्कर, प्रभुदयाल कुशवाहा, प्रेम सपेरा, सचिन साहू, प्रतीक झा, धर्मेंद्र कुशवाहा, नरेंद्र कुशवाहा, कलाम कुरैशी, मनोज कुमार पारीछा, शाहजहां बेगम, साईदा बेगम, रजनी वर्मा, राधा वर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



