कैकेई का त्रिया चरित्र जाल अयोध्या नगरी को करेगा बेहाल- हरीश चन्द्र आज़ाद


फरीदाबाद।
श्री धार्मिक लीला कमेटी एन आई टी एम ब्लाक के निर्देशक हरीश चन्द्र आज़ाद ने बताया कि कल रात हमने रामलीला के सबसे मार्मिक दृश्यों यानि दशरथ कैकेई संवादों का अभ्यास करवाया उन्होंने बताया कि कैकेई का त्रिया चरित्र जाल अयोध्या नगरी को करेगा बेहाल। इस दृश्य में कैकेई व दशरथ का एक-एक संवाद इतना ज्यादा मार्मिक है जो दर्शकों को राने पर मजबूर कर देगा।


निर्देशक हरीश आज़ाद ने बताया कि दशरथ के किरदार में पंकज खरबंदा व कैकेई के अभिनय में रिया खरबंदा ने इन दृश्यों के लिये कड़े अभ्यास में खूब पसीना बहाया। इस दृश्य के कुछ संवादों में दशरथ का यह संवाद माँगता हूँ भीख बस इतना कहा मंजूर का, प्राण तक लेले मेरे श्रीराम को मत दूर कर दर्शकों को रूला देंगे और कैकई का संवाद सुन चुकि हूँ बहुत कुछ, राजन बहाने आपके, है कपट मन में लेकिन वचन सुहाने आपके दर्शकों को अपने अभिनय से आन्नदित करने के लिये दोनों कलाकारों ने कई-कई बार पसीना बहाया। उन्होंने बताया कि इन दृश्यों द्वारा दर्शकों तालियाँ व दिल जीतने के लिये बहुत जरूरी होता है कि प्रत्येक संवाद को बेहतरीन कला के साथ पेश किया जाये इसलिये कल रात इन दोनों कलाकारों ने रात 12 बजे तक अभ्यास किया। कैकेई के अभिनय से रिया खरबंदा दर्शकों तक अपनी कला का लौहा मनवाने को आतुर है अपने अभिनय से रिया खरबंदा दर्शकों तक सफल संदेश देना चाहती है कि त्रिया चरित्र जाल किस तरह बिछाया जाता है और इसी तरह दशरथ के रोल में पकंज खरंबदा इतनी मेहनत कर रहे है ताकि दर्शकों को यह संदेश देने में कामयाब रहें कि किस तरह अपने वचनों का पालन करने के लिये अपने प्राणों की भी परवाह नहीं की जाती।