अमित शर्मा, हेड ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट द्वारा लेक्चर डिलीवर किया जायेगा, थ्राईविंग टाइम जिसके फाउंडर प्रशांत ठाकुर हैं।
सोमदत्त त्रिपाठी, जयपुर– तेजी से बदलती दुनिया और विकसित होते उद्योगों में युवाओं को भविष्य के अनुरूप तैयार करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। तकनीकी विकास, वैश्वीकरण और नए कार्य-प्रणालियों के कारण नियोक्ता अब केवल तकनीकी दक्षता ही नहीं, बल्कि रचनात्मकता, अनुकूलनशीलता और समस्या-समाधान क्षमता जैसे गुण भी तलाश रहे हैं।
इसी दृष्टिकोण से, ज्योति विद्यापीठ वूमेंस यूनिवर्सिटी, जयपुर ने युवाओं के लिए एक विशेष पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य उन्हें भविष्य और नौकरी के लिए तैयार करने वाले कौशलों से सुसज्जित करना है। इस पहल के अंतर्गत युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और वास्तविक कार्य-अनुभव प्रदान किया जाएगा।
मुख्य कौशल क्षेत्रों में शामिल हैं :
डिजिटल और तकनीकी कौशल : कोडिंग, डाटा साक्षरता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल संचार।
सॉफ्ट स्किल्स: नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और अनुकूलनशीलता।
उद्यमशीलता मानसिकता: नवाचार, आलोचनात्मक सोच और समस्या समाधान।

करियर तत्परता: रिज़्यूमे निर्माण, साक्षात्कार की तैयारी, कार्यस्थल शिष्टाचार और नेटवर्किंग।
आदरणीय डॉ संजीव त्यागी को एक विशेष वर्कशॉप में लेक्चर के लिए आमंत्रित किया गया है।
“भविष्य का कार्यबल सीखने, भूलने और पुनः सीखने की क्षमता पर आधारित होगा। हमारा उद्देश्य युवाओं को केवल तकनीकी दक्ष ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वासी और विविध कार्य-परिस्थितियों में सक्षम बनाना है,”।
यह पहल उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षकों और प्रशिक्षण संगठनों के सहयोग से चलाई जाएगी, जिसके अंतर्गत युवाओं को इंटर्नशिप, कार्यशालाएं और करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इस प्रयास का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला भी बनाना है।
