अयोध्या(सोहावल)सोहावल तहसील का ऐसा कारनामा योगी कब होगा पूर्व उपजिलाधिकारी अभिषेक सिंह समेत लेखपाल और संबंधित पर मुक़दमा ,नवीन परती की सरकारी जमीन 657 एयर ही फर्जी परवाना फर्जी महिला को खड़ा करके बेच दिए ======================कौन था पर्दे के पीछे का वह शातिर चोर जो सरकारी भेष कीमती जमीन को कूटरचित तरीके से बेच दिया =====================जिलाधिकारी अयोध्या साहब कही उपजिलाधिकारी गजेंद्र सिंह को हटाकर भूल तो नहीं किए===================मामला जुड़ा है सोहावल तहसील के पलिया रिसाली गांव का जहां हाइवे किनारे सड़क की सरकारी बेस कीमती जमीन गाटा संख्या 7 मि रकबा 657 इयर जिसे सफेदपोश चोरों ने एक योजना बनाई और और राजीदेवी एक महिला जो पलिया रिसाली की है भी नहीं उसे खड़ा करके फर्जी राजस्व परिषद के परवाने के आधार पर तहसील के उपजिलाधिकारी से लेकर नीचे के कर्मचारियों की मिलीभगत से राजीदेवी के नाम कराकर अन्य कई लोगों को बेच दिया मामला टूट पकड़ा एक व्यक्ति उच्च न्यायालय गया जिसपर मामले का संज्ञान हुआ और संबंधित तहसील सोहावल से रिपोर्ट मांगी लेकिन मामले को तहसील के उपजिलाधिकारी और क्षेत्र का लेखपाल जिसपर पर पहले से कूटरचित मामले में मुक़दमा दर्ज है मामले को सिक्के की खनक और फॉर्चूनर के दबाव में दबाये रक्खा मामला में उच्च न्यायालय के आदेश पर सुनवाई करते हुए पूर्व उपजिलाधिकारी गजेंद्र सिंह ने जमीन को खारिज करते हुए पुनः जमीना सरकार के खाते में दर्ज करते हुए तहसीलदार को सभी के विरुद्ध मुक़दमा विधिक कार्यवाही कराने का आदेश दिया अब क्या उस समय का उपजिलाधिकारी अभिषेक सिंह फर्जी परवाना बनाने वाला फर्जी महिला का आधार कार्ड बनाने वाला उसको पीछे से संरक्षण देकर पैसा लेना वाला चोर और जमीन की जांच करने वाला लेखपाल और परवाना प्राप्त करके रजिस्टर पर अंकन कराने वाला बाबू और कुछ और संबंधित पर मुक़दमा दर्ज नहीं होगा वही मामले में मौजूदा उपजिलाधिकारी आई ऐ एस द्वारा कहा गया जल्द ही मामले में जो उनके अधिकार क्षेत्र में उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी शेष के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा वही मामले का वंदे मातरम फाउंडेशन ने संज्ञान लेते हुए कहा यदि प्रशासन लापरवाही करेगा तो फाउंडेशन उच्च अधिकारियों को अगवत कराते हुए मुक़दमा लिखवाएगा=======================
अयोध्या(सोहावल)सोहावल तहसील का ऐसा कारनामा योगी कब होगा पूर्व उपजिलाधिकारी अभिषेक सिंह समेत लेखपाल और संबंधित पर मुक़दमा ,नवीन परती की सरकारी जमीन 657 एयर ही फर्जी परवाना फर्जी महिला को खड़ा करके बेच दिए ======================कौन था पर्दे के पीछे का वह शातिर चोर जो सरकारी भेष कीमती जमीन को कूटरचित तरीके से बेच दिया =====================जिलाधिकारी अयोध्या साहब कही उपजिलाधिकारी गजेंद्र सिंह को हटाकर भूल तो नहीं किए===================मामला जुड़ा है सोहावल तहसील के पलिया रिसाली गांव का जहां हाइवे किनारे सड़क की सरकारी बेस कीमती जमीन गाटा संख्या 7 मि रकबा 657 इयर जिसे सफेदपोश चोरों ने एक योजना बनाई और और राजीदेवी एक महिला जो पलिया रिसाली की है भी नहीं उसे खड़ा करके फर्जी राजस्व परिषद के परवाने के आधार पर तहसील के उपजिलाधिकारी से लेकर नीचे के कर्मचारियों की मिलीभगत से राजीदेवी के नाम कराकर अन्य कई लोगों को बेच दिया मामला टूट पकड़ा एक व्यक्ति उच्च न्यायालय गया जिसपर मामले का संज्ञान हुआ और संबंधित तहसील सोहावल से रिपोर्ट मांगी लेकिन मामले को तहसील के उपजिलाधिकारी और क्षेत्र का लेखपाल जिसपर पर पहले से कूटरचित मामले में मुक़दमा दर्ज है मामले को सिक्के की खनक और फॉर्चूनर के दबाव में दबाये रक्खा मामला में उच्च न्यायालय के आदेश पर सुनवाई करते हुए पूर्व उपजिलाधिकारी गजेंद्र सिंह ने जमीन को खारिज करते हुए पुनः जमीना सरकार के खाते में दर्ज करते हुए तहसीलदार को सभी के विरुद्ध मुक़दमा विधिक कार्यवाही कराने का आदेश दिया अब क्या उस समय का उपजिलाधिकारी अभिषेक सिंह फर्जी परवाना बनाने वाला फर्जी महिला का आधार कार्ड बनाने वाला उसको पीछे से संरक्षण देकर पैसा लेना वाला चोर और जमीन की जांच करने वाला लेखपाल और परवाना प्राप्त करके रजिस्टर पर अंकन कराने वाला बाबू और कुछ और संबंधित पर मुक़दमा दर्ज नहीं होगा वही मामले में मौजूदा उपजिलाधिकारी आई ऐ एस द्वारा कहा गया जल्द ही मामले में जो उनके अधिकार क्षेत्र में उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी शेष के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा वही मामले का वंदे मातरम फाउंडेशन ने संज्ञान लेते हुए कहा यदि प्रशासन लापरवाही करेगा तो फाउंडेशन उच्च अधिकारियों को अगवत कराते हुए मुक़दमा लिखवाएगा=======================