हमारा बुंदेलखंड हमें वापस दो’ अभियान के तहत 21 अक्टूबर से अनशन-सत्याग्रह,

(आशिफ खान संवाददाता झांसी)

राम कौ कौल’ अभियान में जनप्रतिनिधियों से वादे निभाने की मांग, गांव-गांव और वार्डों में जनसंपर्क का ऐलान

झांसी। बुंदेलखंड राज्य के निर्माण की मांग को लेकर बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने एक बार फिर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय ने स्थानीय होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने का वादा प्रभु श्रीराम को साक्षी मानकर तीन वर्ष के भीतर पूरा करने की बात कही गई थी, लेकिन तीन वर्ष के बजाय 12 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड राज्य निर्माण की मांग को लेकर ‘राम कौ कौल’ (कसम) अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके तहत लोगों को आंदोलन से जोड़ने के लिए ‘जनप्रतिनिधि धिक्कार यात्रा’ निकाली जाएगी। मोर्चा का कहना है कि सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों ने बुंदेलखंड राज्य निर्माण की मांग को प्रभावी ढंग से नहीं उठाया, इसलिए अब जनता के बीच जाकर इस मुद्दे को व्यापक रूप दिया जाएगा।मोर्चा के अनुसार 21 अक्टूबर 2026 से गांधी उद्यान, कचहरी के पास अनशन एवं सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। इससे पहले 16 सितंबर से 18 अक्टूबर के बीच झांसी नगर निगम के सभी वार्डों में सघन जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। 15 वार्डों में मशाल जुलूस तथा 15 वार्डों में खून से पत्र लिखने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।ग्रामीण क्षेत्रों में भी अभियान चलाया जाएगा। बबीना, बंगरा, मोंठ, बरुआसागर, अम्बाबाय, मऊरानीपुर, चिरगांव और गरौठा में प्रधानमंत्री एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नाम खून से पत्र लिखे जाएंगे। वहीं बैदौरा, पड़रा, समथर, टहरौली, रक्सा, गुरसराय और बड़ागांव में मशाल जुलूस निकाले जाने की घोषणा की गई है।स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर भी उठाईं मांगेंमोर्चा ने बुंदेलखंड के सभी मेडिकल कॉलेजों, सरकारी अस्पतालों तथा सीएचसी-पीएचसी में चिकित्सक, मेडिकल, पैरामेडिकल, नर्सिंग एवं अन्य कर्मचारियों के रिक्त पद समयबद्ध तरीके से भरने और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की।इसके अलावा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को स्ववित्तपोषित व्यवस्था से हटाकर एडेड विश्वविद्यालय बनाए जाने, छात्रों की फीस कम करने तथा संविदा शिक्षकों को नियमित करने की मांग रखी गई। प्राथमिक विद्यालयों से लेकर महाविद्यालयों तक शिक्षकों एवं कर्मचारियों के रिक्त पद शीघ्र भरने तथा विद्यालयों का समयबद्ध जीर्णोद्धार कराने की भी मांग की गई।ई-20, नर्सिंग होम और केन-बेतवा परियोजना पर भी सवालमोर्चा ने बुंदेलखंड क्षेत्र में ई-20 (एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) के प्रयोग पर भी आपत्ति जताई। इसके साथ ही अवैध नर्सिंग होम्स के संचालन और कथित भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से विस्थापित लोगों को उचित मुआवजा दिलाने तथा परियोजना में कथित भ्रष्टाचार की समयबद्ध जांच कराने की मांग भी उठाई गई।भानु सहाय ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस कथन का उल्लेख करते हुए कि आंदोलन वार्ता का मार्ग खोलता है, कहा कि यदि सरकार स्वयं वार्ता के लिए नहीं आती तो आरएसएस को सरकार से वार्ता के लिए आगे आना चाहिए।उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में सत्ताधारियों के खिलाफ जनमत तैयार करने के लिए गांव-गांव और वार्डों में लोगों को गंगाजली उठवाकर अभियान से जोड़ने तथा आंदोलन के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करने का अभियान चलाया जाएगा। आंदोलन का अगला चरण महोबा, जालौन, बांदा, हमीरपुर, ललितपुर और चित्रकूट में आयोजित किए जाने की बात भी कही गई।प्रेस वार्ता में रघुराज शर्मा, हमीदा अंजुम, गिरजा शंकर राय, प्रदीप नाथ झा, रामजी सिंह पारीछा, उत्कर्ष साहू, अनिल कश्यप, गोलू ठाकुर, कलाम कुरैशी, अमित त्रिपाठी, विनोद अग्रवाल, मनोज प्रजापति पारीछा, अभिषेक तिवारी, शंकर रायकवार, विजय रायकवार, जीतू कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।