गाडगे अम्बेडकर मिशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ चंद्रकांता के माथुर ने सोनभद्र में सामाजिक रूप से एक लोगों को सम्बोधित करते हुए बताया

आज गाडगे अम्बेडकर मिशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ चंद्रकांता के माथुर ने सोनभद्र में सामाजिक रूप से एक लोगों को सम्बोधित करते हुए बताया की करोना महामारी के कारण देश अत्यंत भयावह परिस्थिति से गुजरना पड़ा ऐसी परिस्थिती को कभी मनुश्य ने सोचा भी नहीं था जिस परिस्थिती में देश को सम्भालने का काम हमारे यहां डॉक्टर , नर्स, सफाई कर्मचारियों, पुलिसकर्मीयों , पैरमेडिकल स्टाफ़ व मीडियाकर्मियों
डॉ चन्द्रकांता के माथुर ने कहा की मैं यहां प्रयागराज की धरती पर इसलिये आई हूँ क्योंकि डॉक्टर पैरमेडिकल स्टाफ़,सफाई कर्मचारी , धुलाई कर्मचारी, पुलिस और मीडियाकर्मीयों ने अपना जीवन दान दिया है मैं और हमारी संस्था कोरोना युद्ध के दौरान हुई मृत्यु को चिन्हित कर रहे है। असंख्य आर॰टी॰आई॰ के पश्चात हमें ज्ञात हुआ की इन सभी योद्धाओं की संख्या तो अधिक है किन्तु उनके सम्मान में कुछ नहीं किया जा रहा अतःहम करोना योद्धा की याद में “कोरोना योद्धा शहीद स्मारक “ बनाना चाहते हैं जिस में संयुक्त रूप से राष्ट्र सभी के परिवार और उनके बारे में बताया जायेगा जिस तरह देश में सैनिकों के बारे में इंडिया गेट पर उनके नाम उनकी जानकारी दी जाती है। उसी प्रकार कोरोना योद्धाओं की याद में एक शहीद स्मारक बनाने का प्रयास है हमारा प्रशासनिक अधिकारियों से एक निवेदन है की जल्द से जल्द हमारे द्वारा दिया गया मांग पत्र प्रति कार्यवाही की जाए ज्ञात करे की उत्तर प्रदेश के विभिन्न ज़िलों में कितने डॉक्टर ,नर्स ,सफाई कर्मचारी , पुलिस , मीडियाकर्मी और कितने धुलाई कर्मचारी शहीद हुए इन सबके नाम और फोटो हमारी संस्था गाडगे अम्बेडकर मिशन को प्रदान करने का अपना योगदान करे गाडगे अम्बेडकर मिशन संपूर्ण भारत में तक़रीबन 8000 आर॰टी॰आई॰ के माध्यम से इन सुचना को एकत्र करने का काम कर रही है यह अपने आप में एक महान काम है क्योंकि करोना काल इन सभी ने महान काम किया ही और अपने अमूल्य जीवन को देकर राष्ट्र व मानव समाज की सेवा की है । गाडगे अम्बेडकर मिशन प्रशासन की सहायता चाहता है। प्रो डॉ चंद्रकांता के माथुर सम्पूर्ण भारत के प्रत्येक राज्य में सभाएँ व लोगों से मिल रही है। और उन्होन देश के कोरोनावायरस के हेतु सपना देखा और सपने को साकार करने के लिए आप सभी भारतवासीयों से मदद चाहती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *