लिपिक संवर्ग के कर्मियों के व्यापक स्थानांतरण का विरोध थम नहीं रहा

अम्बेडकरनगर। निदेशक प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उत्तर प्रदेश की ओर से किए गए लिपिक संवर्ग के कर्मियों के व्यापक स्थानांतरण का विरोध थम नहीं रहा है। विरोध में लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों का धरना शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। धरने में वह स्टाफ भी शामिल रहे जिन्हें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ श्रीकांत शर्मा ने अपने कार्यालय से मुक्त कर दिया है।

सीएमओ के अधीन के कुल नौ और सीएमएस के अधीन के दो कुल 11 कर्मचारियों का तबादला हुआ है। सीएमओ ने काशी प्रसाद द्विवेदी रामनगर, आकाश पांडेय रामनगर, राजेश कुमार मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, रामानंद सिंह मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय और अशोक कुमार भियांव को कार्य मुक्त कर दिया है। चूंकि शासन ने दो चरणों में कार्य मुक्त करने का आदेश दिया था इसलिए अभी सीएमएस के अधीन जिला अस्पताल के सुभाष सिंह व राकेश चन्द्र श्रीवास्तव तथा सीएमओ कार्यालय के शरद श्रीवास्तव, प्रेम बहादुर सिंह, अमित सिंह व राजेश पांडेय कार्य मुक्त नहीं हुए हैं। यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन तबादले का विरोध कर रहा है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शरद श्रीवास्तव की अध्यक्षता और जिला महामंत्री सुभाष सिंह के संचालन में धरना दिया जा रहा है। शुक्रवार को सीएमओ के अधीन वाले कार्य मुक्त हुए कर्मियों के साथ प्रेम बहादुर सिंह, मोहम्मद अशरफ, पंकज अग्रहरि, राकेश चंद्र पांडेय, अमित कुमार सिंह, प्रिंस यादव अनवरत कार्य बहिष्कार पर रहते हुए सीएमओ कार्यालय में धरना दिया। इससे सीएमओ कार्यालय के सभी पटलों का कार्य अवरुद्ध रहा। एसोसिएशन के अध्यक्ष शरद श्रीवास्तव ने कहा कि स्थानांतरण में दिव्यांग दम्पत्ति नीति का, संगठन में अध्यक्ष व मंत्री के तबादला न होने की व्यवस्था का पालन न कर निदेशक प्रशासन ने हिटलर शाही का परिचय दिया है। कहा कि शनिवार तक तबादला आदेश निरस्त करने की मांग पूरी नहीं हुई तो 26 व 27 जुलाई को महानिदेशालय पर धरना देंगे। 28 जुलाई से अनिश्चित कालीन हड़ताल होगी।